आमुख का शाब्दिक अर्थ क्या है? और आमुख की विशेषताएं क्या होनी चाहिए? | What is the literal meaning of Amukh? and what should be the characteristics of amukh?

आमुख (इन्ट्रो)

आमुख (इन्ट्रो) का अर्थ है- enterence अर्थात् समाचार या अन्य रचना में कोई तो enterence दिया ही जायेगा। विषय-प्रवेश या आमुख ही इन्ट्रो है। हर समाचार की इन्ट्रो होती है। यदि कोई समाचार है तो इन्ट्रो भी होगा। हेराल्ड इंवास की मान्यता है इन्ट्रो समाचार की जान है । वास्तव में इन्ट्रो समाचार का मस्तिष्क है, प्राण तत्त्व है। समाचार में महत्त्वपूर्ण सूचना ही इन्ट्रो है।

 आमुख समाचार में प्रारम्भिक भाग होता है। हम जानते हैं कि समाचार के पांच भाग होते हैं- 1. शीर्षक अर्थात् Headline, 2. समाचार स्रोत (स्थान, तिथि और समाचार सूत्र) Date line, 3. इन्ट्रो (आमुख). 4. बाडी (Body) समाचार का पल्लवन अर्थात् विकास और 5. टेक अर्थात् उपसंहार या निष्कर्ष । इन सब भागों में शीर्षक और इन्द्रो बहुत जरूरी है। बाडी में भी कटाव-छंटाव किये जा सकते हैं। टेक की आवश्यकता महसूस नहीं की जाती।  

समाचार में इन्ट्रो सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण बातों का सम्प्रेषण करती है बॉडी में उससे कम और टेक में न्यूनतम महत्त्व की बातें आती हैं। वास्तव में इन्द्रो लिखने का तरीका है विलोम स्तूपी अर्थात् Inverted Pyramid (Most Important thing must come first & the least important thing must come in the last.) इससे इन्ट्रो वास्तव में सारगर्भित व महत्त्वपूर्ण बन जाती है। अनावश्यक बातों को काटा जा सकता है। 

आमुख (इन्ट्रो) की कसौटी 6 ककारो की परितुष्टि है। कब, कहां, क्यों, कितनी, कैसे और कौन आदि प्रश्नों का उत्तर देना आपेक्षित है। जहां तक संभव हो इनका उत्तर देना ही चाहिए। इससे पाठक वर्ग की जिज्ञासा पूर्ति होती है। 

समाचार की इन्ट्रो बनाते समय समाचार के महत्त्व को समझना

जरूरी है। बासी समाचार का प्रभावात्मक इन्ट्रो भी कुछ नहीं कर पायेगा। हर समाचार असाधारण स्थितियों की देन है। यदि सामान्य स्थितियां हों तो कोई समाचार नहीं बनता, यह देखना आवश्यक है। आखिर वह कौन-सी बात है जो समाचार देने के लिए आवश्यक है। इन्ट्रो लिखने से पूर्व समाचार के पड़ने वाले प्रभावों को देखना अनिवार्य है। समाचार में लोक रुचि का अनुमान भी लगाना चाहिए।

इन्ट्रो के प्रकार : 

यद्यपि इन्ट्रो समाचारदाता, उपसम्पादक के कुशाग्र बुद्धि, प्रत्युत्पन्नगति होने का परिचय देती है। पत्रकारों द्वारा लाई जाने वाली कुछ इन्ट्रो इस प्रकार हैं 

1. कैप्सूल इन्ट्रो (Capsule Intro)

कैप्सूल इन्ट्रो अत्यधिक महत्त्वपूर्ण होती है। यह कभी कभार ऐतिहासिक मानी जाने वाली घटनाओं के बारे में प्रतिपादित की जाती हैं। इसमें हर वाक्य शीर्षक की भूमिका निभाता है। ऐसा प्रतीत होता है किसी समाचार का शीर्षक हो। ऐसी इन्ट्रो विश्व विख्यात व्यक्ति तथा अत्यन्त संवेदनशील घटनाओं के बारे में होती है।

2. नाटकीय इन्ट्रो (Dramatic Intro)

नाटकीय इन्ट्रो में नाटकीय तरीके से समाचार का सार तत्त्व प्रतिपादित करने की चेष्टा की जाती है।

3. वर्णनात्मक इन्ट्रो (Descriptive Intro) 

वर्णनात्मक इन्ट्रो में वर्णनात्मकता का बाहुल्य रहता है अर्थात् स्थान समय, ऋतु किसी से भी प्रारम्भ कर वर्णन किया जाता है। 

4. प्रश्नवाचक इन्ट्रो (Question Intro) 

प्रश्नवाचक इन्ट्रो में प्रारम्भिक वाक्य प्रश्नवाचक होता है।

5. उद्धरण इन्ट्रो (Quotation Intro)

उद्धरण इन्ट्रो में किसी विशेष उद्धरण से बात प्रारम्भ की जाती है बाद में विषय-वस्तु का पल्लवन होता है।  

6. सूक्तिवत इन्ट्रो (Parable Intro) 

सूक्तिवत इन्ट्रो में कोई मुहावरा, लोकोक्ति यां कहावत, सूक्ति प्रारम्भ में शोभा बढ़ाती है उसके उपरान्त ककारो की परितुष्टि करती हुई इन्ट्रों दी जाती है। 

7. स्टैक्टो इन्ट्रो (Staccato Intro) 

8. आश्चर्यपूरित इन्ट्रो (Superi Sing Intro) 

आश्चर्यपूरित इन्ट्रों में आश्चर्य में डालने वाले वाक्यों का प्रयोग किया जाता है।

9. तुलनात्मक विरोधात्मक इन्ट्रो (Contrast Intro) 

तुलनात्मक विरोधात्मक इन्ट्रों में दो तथ्यों में तुलना करके विरोधात्मकता द्वारा इन्ट्रो को प्रभावपूर्ण बनाया जाता है। 

10. तर्क सम्मत इन्ट्रो (Rhetorical Intro) 

तर्क सम्मत इन्ट्रो में तार्किकता का भरपूर प्रदर्शन कर इन्ट्रो प्रतिपादित की जाती है। 

11. साहित्यिक इन्ट्रो (Literary Intro) 

साहित्यिक इन्ट्रो में साहित्यिकता बरकरार रखी जाती है। यह अत्यन्त अनुभूतिपूर्ण होती है।

12. सम्बोधन इन्ट्रो (Exclamation Intro) 

सम्बोधन इन्ट्रो में तो प्रभावपूर्ण सम्बोधन से ही इन्ट्रो की शुरूआत की जाती है।

स्टैक्टो इन्ट्रो में घटनाओं का बदलना बड़ी तेजी से दिखाया जाता है। 

इन अर्थों में इन्ट्रो ही समाचार का प्राण तत्त्व ठहरता है। वास्तव में समाचार की सम्प्रेषणीयता, विश्वसनीयता इन्ट्रो के कर्म – कौशल पर आधारित है।

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